
रिपोर्ट.. अनुराग तिवारी

बांदा.. जिला महिला अस्पताल में 15 नवदंपतियों को शगुन किट बांटकर विश्व जनसंख्या दिवस की शुरूआत की गई। यह 18 जुलाई तक चलेगा। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रेखा रानी ने कहा कि जागरूकता की कमी, लैंगिक असमानता, पुत्र की चाह,गरीबी, परिवार नियोजन साधनों के प्रति भ्रांतियां आदि अनेक कारणों से जनसंख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। परिवार नियोजन अपनाने से मृत्यु दर को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 1987 को जब जनसंख्या 5 अरब पर पहुंची, तो लोगों के बीच जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए विश्व जनसंख्या दिवस मनाएं जाने का निर्णय लिया। पहली बार वर्ष 1989 में जनसंख्या दिवस मनाया गया। जनसंख्या वृद्धि में चीन सबसे आगे है, इसके बाद दूसरे नंबर पर भारत है। बताया कि दो बच्चों के जन्म पर परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, डॉ.आरएन प्रसाद, डॉ.पीके पांडे, सीएमएस डॉ.सुनीता सिंह, मंडलीय परिवार नियोजन लाजिस्टिक मैनेजर अम्रता राज, डीआईओ डॉ.विजय केसरवानी,डीपीएम कुशल यादव, चैतन्य कुमार, वीरेंद्र प्रताप, डॉ. प्रसून खरे सहित स्टाफ उपस्थित रहा l

